Posts

कन्या भ्रूण हत्या

Image
☰ पोर्टल में खोजें ☰ ई-शासन भारत में विधिक सेवाएँ महत्वपूर्ण अधिनियम महिलाओं से जुड़ी अधिनियम कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े क़ानूनी प्रावधान अवस्था: खुला कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े क़ानूनी प्रावधान भूमिका कन्या भ्रूण हत्या का कारण कन्या भ्रूण हत्या के प्रभाव अपराध से जुड़े क़ानूनी प्रावधान पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की प्रमुख विशेषताएं पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत प्रतिबंधित कृत्य पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का क्रियान्वयन कन्या भ्रूण हत्या के प्रतिरोध के लिए सुझाव कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं रोकने के उपाय भूमिका कन्या भ्रूण हत्या आमतौर पर मानवता और विशेष रूप से समूची स्त्री जाति के विरुद्ध सबसे जघन्य अपराध है। बेटे की इच्छा  परिवार नियोजन के छोटे परिवार की संकल्पना के साथ जुडती है और दहेज़ की प्रथा ने ऐसी स्थिति को जन्म दिया है जहाँ बेटी का जन्म किसी भी कीमत पर रोका जाता है। इसलिए समाज के अगुआ लोग माँ के गर्भ में ही कन्या की हत्या करने का सबसे गंभीर अपराध करते हैं। इस तरह के अनाचार ने मानवाधिकार, वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग और दुरुपयोग की नैतिकता और लैंगिक भेदभाव के मुद्दों को जन्म दिया है।...

बेरोजगारी

Image
बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के बाद सामाजिक ढाँचे (Social set up) में परिवर्तन । छोटे-छोटे हाथों का काम बड़ी-बड़ी मशीनों और कल-कारखानों ने ले लिया । महीनों का काम घंटों में होने लगा । उत्पादन (Production) बढ़ गया और अनेक लोगों को कल-कारखानों में काम करने का मौका भी मिला किन्तु सब लोगों को नहीं । पहले सब लोग अपना काम खुद करते थे और अपनी जरूरत की चीजें बना लेते थे । आज सब लोगों के लिए काम कुछ लोग करते हैं और आइ धकतर लोग बेकार हैं । बेरोजगारी के अन्य कारणों में प्रमुख है शिक्षा व्यवस्था का ठीक न होना । हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था (Education system) पश्चिमी देशों के वातावरण (Environment of Western countries) पर आधारित है । हम ऐसी शिक्षा पाते हैं जो जीवन में हमारे काम आयेगी अ थवा नहीं, कहा नहीं जा सकता । हम पढ़ते-लिखते इसलिए हैं कि हमें मेहनत न करनी पड़े और हम पढ़-लिखकर दूसरों पर राज करें । यह गलत धारणा (Wrong view) हमें आज की शिक्षा देती है । यह गलत शिक्षा हमें केवल स्कूल-कॉलेजों से ही नहीं बल्कि घर-परिवार, फिल्मों और टी.वी. चैनलों से भी मिल...

कैंसर का मुफ्त इलाज

Image
वास्तव में कैंसर का इलाज अध्यात्म है। कैंसर का मरीज अपने बचे हुए दिन उंगलियों पर गिनता है लेकिन सच्चा गुरु तथा सतभक्ती प्राप्त होने के बाद केंसर जैसा भयानक रोग ठीक हो जाता है। केंसर उनके लिए जानलेवा है जो संत रामपाल जी महाराज जी की बताई शास्त्र अनुसार सतभक्ति नहीं करते उनकी महिमा नहीं जानते। इस अध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ने के बाद चाहे जितनी भी भयानक बीमारी हो नजदीक तक नहीं आती। संत रामपाल जी महाराज जी से लाखो लोग जुड़कर अपना स्वस्थ जीवन जी रहे है।  दुनिया भर में प्रतिवर्ष हजारों लोगों का कैंसर से मारा जाना अध्यात्म के गिरते हुए स्तर को प्रदर्शित करता है। आज संत रामपाल जी महाराज जी से जुड़ने वाले कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों का ठीक होना साबित करता है कि सिर्फ संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा बताया गया आध्यात्मिक मार्ग ही सही है। अवश्य पढ़े अनमोल पुस्तक "जीने की राह"

नशा नाश करता है

Image
नशा मनुष्य जीवन नाश कर देता है इसको त्यागने में ही सबका हित है....कबीर साहिब जी कहते है....सौ नारी जारी करे, सुरापान सौ बार। एक चिलम हुक्का भरे, डूबे काली धार।। नशा सर्व्रथम तो इंसान को शैतान बनता है। फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वूर्ण अंग है- फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे पहले इन चार अंगो को खराब करती है इन सबसे निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग अवश्य सुने।

दहेज मुक्त भारत

Image
दहेज मुक्त भारत भारत में दहेज के कारण कई महिलाओं के साथ अत्याचार किए जाते है इसी अत्याचार को शनस न कर वे महिलाएं आत्महत्या करने पर मजबूतहो जाती है दहेज प्रथा का खात्मा करने के लिए कई योजनाएं बनाई कड़क कानून बनाए लेकिन आजतक दहेज प्रथा को कोई रोक नहीं पाया। दहेज का खात्मा संत रामपाल जी महाराज जी ने भारत को दहेज मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। संत रामपाल जी महाराज जी ने लाखो शादियां बिना किसी दहेज के करवाई। अधिक जानकारी के लिए अवश्य पढ़े अनमोल पुस्तक "जीने की राह"